Thursday, July 11, 2013

क्यों बिगड़ जाते हैं अपनी अपलाइन से रिश्ते

 एमएलएम में काम के दौरान आप अपनी सीमा को लांघने की कोशिश न करें। आपके डाउनलाइन हों या अपलाइन हर कोई गलती कर सकता है। ऎसे में सामने वाले की पोजीशन का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। अगर आपको उन्हें गलती के बारे में बताना है तो सही लहजे से बताने की कोशिश करें। गलती किसी से भी हो सकती है। गलती करना मानवीय स्वभाव है। इसका यह अर्थ नहीं है कि अपलाइन के बारे में आप कोई गलत धारणा बना लें। जरूरी है कि धारणा बनाने से पहले व्यक्ति की परिस्थितियों को समझें।
आपने देखा होगा एमएलएम में काम के दौरान कई बार ऎसी परिस्थितियां आती हैं, जब आप मन ही मन परेशान होते रहते हैं। आप चाहते हैं कि साथ में काम करने वाले लोगों की गलतियों को उनके सामने रखें लेकिन आप कह नहीं पाते हैं। यह बात सौ-प्रतिशत सही है आप अपने सहयोगी को तो उन्हें उनकी गलती के बारे में एक बार तो कह भी देते हैं लेकिन जब बात अपलाइन की आती है, तो आप उनसे कहने में डरते हैं। आपको लगता है कहीं अपलाइन बुरा न मान जाएं और आपको कुछ भला-बुरा न बोल दें।
आपका यह सोचना सही है लेकिन ऎसे में आपको परेशान नहीं होना चाहिए। अगर आपको लगता है कि अपलाइन की गलती है, तो आप सही समय देखकर उन्हें बता सकते हैं। लेकिन एक बात याद रखें कि बातें ऎसी न हों जिससे उनके सम्मान को ठेस पहुंचे। आप उनसे कंपनी के हित से जुड़ी बातें कर सकते हैं, जिससे उन्हें पता चले की आप जो कह रहे हैं वो अच्छा है और वो अपने व्यवहार में लाने की कोशिश भी करें। अगर आप अपलाइन के सामने स्पष्ट रूप से अपनी बात कहेंगे, तो आप पर उनका विश्वास बढ़ेगा।

दबाव की बजाय सलाह दें

अगर आपको लगता है कि अपलाइन को किसी काम को दूसरे तरीके से करना चाहिए तो ऎसे में आप उनसे पर्सनली मिलकर काम से जुड़ी बातें कर सकते हैं लेकिन याद रखें कि आपका कहने का लहजा ऎसा हो कि आप उन्हें सिर्फ सलाह दे रहे हों। उन्हें आपकी बातों से ऎसा न लगे कि आप उन पर अपना दबाव डाल रहे हैं। बातचीत के दौरान हावी होने का प्रयास करना गलत है। आपका एजेंडा कंपनी के भले से जुड़ा होना चाहिए, न कि अपलाइन की वर्किग स्टाइल से। उनकी कमियों पर ध्यान न देकर नेगेटिव इफेक्ट रोकने के बारे में सोचना चाहिए ताकि कंपनी का फायदा हो।

आप गलत हैं, ये न बोलें

अपलाइन से पर्सनली मिलकर उनके सामने अपनी बातों को रखना अच्छी बात है लेकिन याद रखें कि आपकी बातों से यह नहीं झलकना चाहिए कि मैं सही हूं और आप गलत हैं। आपको ध्यान रखना चाहिए कि अपलाइन आपसे ज्यादा समय से कपनी से जुडें हैं और आप सिर्फ उन्हें राय दे सकते हैं। अगर आप वहां स्मार्ट बनने की कोशिश करेंगे और उनकी बातों को दबाने की कोशिश करते हैं उनके नजरों में आपकी छवि खराब हो सकती है। साथ ही हो सकता है आपके काम पर भी गलत इफेक्ट पड़े। इसलिए आप उनसे मिलें, लेकिन उनकी गलतियों को ऎसे बताने की कोशिश करें कि उन्हें लगे आप सलाह दे रहे हों। आप कंपनी से जुड़े मुद्दों को सामने रखें और बातों को बताने की कोशिश करें। अगर आपको लगता है कि माहौल आपके हित में है तो आप उनसे और आगे बोलने की कोशिश करें।

लीडर की इजाजत है जरूरी


अपलाइन से मिलने से पहले उनकी इजाजत जरूर लें। अगर अपलाइन के पास समय है और आपको लगता है कि अपनी बातों को उनके सामने रखने का सही समय है तो उनसे मिलें और गलतियों पर डिस्कशन करें। अगर आप पॉजिटिव नोट के साथ शिकायत करते हैं, तो बातचीत भी सकारात्मक होती है। शुरू में अपलाइन को उनके प्रयासों के बारे में बताने की कोशिश करें। इससे वो आपकी बातों को समझेंगे और बात करने का माहौल भी आपके अनुरूप होगा। अगर आपको लगता है कि आपके अपलाइन कुछ गलती कर रहे हैं तो उत्तेजित होकर बोलने की बजाय तथ्यों का सहारा लेना चाहिए। इस दौरान आपको अपलाइन को गलत साबित करने की बजाय उन्हें सलाह देने की कोशिश करनी चाहिए।
Found Origina post here : http://www.thebhaskar.com/2013/07/blog-post_8786.html#.Ud4-1zf7aC4
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Mr. Abhishek
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